विगत कई वर्षों से गौर सिटी के राधा कृष्ण पार्क में अलग अलग महोत्सव होते आ रहे हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों से ये महोत्सव की संख्या में बहुत बढ़ोत्तरी हुई है और राधा कृष्ण पार्क, जो निवासियों के टहलने और व्यायाम करने करने के लिए बनाया गया है, उसका व्यावसायिक कार्यक्रमों में इस्तेमाल होता जा रहा है। जिनमें समारोहों में मध्य रात्रि तक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए जाते हैं, जिससे गौर सिटी के निवासी बहुत ही परेशान हैं।
हाल ही में 12 अप्रैल को किसी एक समारोह आयोजित किया गया, जहां 12 बजे निवासियों के द्वारा आवाज बंद करने के लिए विनती किए जाने पर आयोजकों द्वारा पुलिस के जवानों के सामने निवासियों से गाली गलौज की गई और बोला गया जो करना है कर लो आवाज लाउडस्पीकर तो ऐसे ही बजेंगे, और मध्य रात्रि 1 बजकर 15 मिनट तका तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए गए।
इसके बाद सोसाइटी के निवासियों ने सोमवार को मीटिंग कर अलग अलग अधिकारियों और विभागों में शिकायत कर आवाज पर अंकुश लगाने हेतु प्रार्थना पत्र देने का निर्णय लिया।
निवासी अंकित वैश्य ने कहा कि हमारा टावर पार्क के बिल्कुल पास है और वहां होने वाले सुबह शाम के कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले लाउड स्पीकर की आवाज से बहुत जायदा दिक्कत होती है
निवासी अनीता प्रजापति ने कहा कि हमे किसी भी इवेंट से कोई दिक्कत नहीं है बस वो इवेंट सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के हिसाब से समय पर अपना साउंड बंद कर लिया करे
घर में छोटे बच्चे और बीमार माता है जिन्हें सोने में दिक्कत होती है ।
निवासी योगेश ने कहा हमें किसी भी सांस्कृतिक या धार्मिक समारोह से समस्या नहीं है, लेकिन रात के 12-1 बजे तक बजने वाले तेज लाउडस्पीकरों की आवाज से समस्या होती है, जिससे नींद न आने के वजह से बच्चों की पढ़ाई और हमारे ऑफिस कार्य पर असर पड़ता है
अमरजीत राठौर ने कहा पूरे वर्ष राधा कृष्ण पार्क में शोर की समस्या रहती है, रिहायशी इलाका होने के बावजूद ऊँची आवाज़ में किसी न किसी आयोजन के ज़रिए यहाँ हाई डेसिबल में शोर होता है जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशन का पूर्ण उल्लघ्न है ।
आज इसी मुद्दे को लेकर हमारी सोसाइटी के अंकित वैश्य,अश्विनी सिंह, श्री प्रदीप कंसल ,अनीता सिंह,अनीता आखरिया,ने DIG, महोदय से मिलकर आज शिकायत की और तेज आवाज में बजने वाली लाउडस्पीकरों पर अंकुश लगाने के लिए निवेदन किया। और भी निवासी अभी अपनी शिकायत लेके डीसीपी मैडम मिलने जाएंगे
