ग्रीनआर्च सोसाइटी में 19 अप्रैल 2026 को सम्पन्न AOA/BOM चुनाव प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं। चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों मनीष कुमार सिंह, नितेंद्र त्रिपाठी, अमित कुमार सिंह, संदीप चिकारा, लवली राम, प्रदीप बलियान, पंकज द्विवेदी सहित अन्य और बड़ी संख्या में निवासियों ने प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है।
उम्मीदवारों ने मामले की जांच के लिए रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, जिलाधिकारी, रेरा और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय तक जाने की बात कही है। साथ ही, एक उम्मीदवार के रूप में सरकारी तंत्र से त्वरित एवं प्रभावी सहयोग न मिलने पर निराशा भी व्यक्त की गई है।
निवासियों का आरोप है कि चुनाव अधिकारी एवं कुछ व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध रही। यह भी सामने आया कि चुनाव अधिकारी, जिन्हें डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा नियुक्त किया गया था, चुनाव सम्पन्न होने के बाद संबंधित डाटा एवं प्रक्रियात्मक जानकारी साझा करने से बचते नजर आए। हालांकि, डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा जांच में सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
निवासियों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा जैसे विकसित क्षेत्रों में कई कॉपरेटिव सोसाइटीज़ में बिल्डर, प्रमोटर्स और कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते हैंडओवर, NOC और चुनाव प्रक्रियाओं में अनियमितताएं सामने आती रही हैं।
इस बीच कई अहम सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसे तरीके से जुड़े लोग वास्तव में सोसाइटी हितों की रक्षा कर पाएंगे? क्या निवासियों की मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा से समझौता नहीं होगा? और क्या अधूरे कार्यों व मौजूदा अव्यवस्थाओं के बावजूद बिल्डर को “ग्रीन सिग्नल” दिया जाएगा?
हालांकि, सोसायटी के दैनिक कार्य प्रभावित न हों, इस उद्देश्य से कुछ जिम्मेदार निवासियों ने तत्काल विवाद को बढ़ाने के बजाय प्रक्रिया को आगे बढ़ने देने का निर्णय लिया।
उम्मीदवारों ने स्पष्ट किया है कि इन अनियमितताओं को स्वीकार नहीं किया गया है और उचित मंचों पर निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी। साथ ही, सभी निवासियों से सतर्क रहने और सोसाइटी के बेहतर भविष्य के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।
