श्रीगंगानगर Rajasthan राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बालिका के साथ कथित अपहरण, यौन उत्पीड़न और सामूहिक दुष्कर्म का मामला पूरे देश में आक्रोश का विषय बना हुआ है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता 18 जून को ई-रिक्शा से घर लौट रही थी। आरोप है कि ई-रिक्शा चालक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद कई दिनों तक उसे अलग-अलग स्थानों और होटलों में रखा गया, जहां उसके साथ गंभीर अपराध किए जाने का आरोप है।
जांच के दौरान पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। मामले की जांच POCSO Act, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत की जा रही है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है तथा फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक (SP) हरिशंकर ने कहा है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की विशेष टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। वहीं जिला प्रशासन ने उन होटलों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनका कथित रूप से इस अपराध में इस्तेमाल किया गया था।
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज के विभिन्न वर्गों ने पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने और दोषियों को कठोरतम कानूनी सजा देने की मांग की है।
महत्वपूर्ण सोशल मीडिया पर यह दावा भी प्रसारित हो रहा है कि इस अपराध में “30 से अधिक लोग” शामिल थे। फिलहाल पुलिस ने इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच जारी है और अंतिम तथ्य पुलिस की विवेचना एवं न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होंगे।
