रागिनी गायक ओमपाल ने यथार्थ अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए कहा मेरे पैर काट दिया

रागिनी गायक ओमपाल ने यथार्थ अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए कहा मेरे पैर काट दिया

ग्रेटर नोएडा में रागिनी गायक ओमपाल ने यथार्थ अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सड़क हादसे के बाद अस्पताल में उनका इलाज हुआ, लेकिन इलाज के दौरान उनका पैर काटना पड़ा। ओमपाल का आरोप है कि अब वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए हैं, जिससे उनके परिवार का पालन-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।

इस मामले को लेकर ओमपाल ने जिलाधिकारी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी अपील की है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।

ओमपाल सिंह के अनुसार, अप्रैल माह में सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां ऑपरेशन के लिए लगभग 7 लाख रुपये जमा कराए गए। बाद में पैरों में संक्रमण बढ़ने का हवाला देते हुए करीब 1.20 लाख रुपये अतिरिक्त जमा कराए गए। इस तरह इलाज पर कुल लगभग 8.20 लाख रुपये खर्च हुए।

ओमपाल सिंह का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान पैर में डाली गई रॉड सही तरीके से फिट नहीं की गई, जिससे संक्रमण बढ़ गया। बाद में जब उन्होंने दूसरे अस्पताल में जांच कराई तो वहां इलाज में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई। उनका दावा है कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो पैर बचाया जा सकता था।

पीड़ित का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टर लगातार संक्रमण बढ़ने की बात कहते रहे और उसी आधार पर अतिरिक्त खर्च कराया गया। उनका कहना है कि उन्हें उपचार की पूरी जानकारी नहीं दी गई। शुरुआत में डॉक्टरों ने पैर पूरी तरह ठीक होने का भरोसा दिलाया था, लेकिन बाद में अचानक पैर काटने की जरूरत बताई गई।

पीड़ित ने बताया कि वह परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। एक पैर कट जाने के बाद उनके लिए रोजगार करना बेहद कठिन हो गया है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की भी मांग की है ओमपाल सिंह का कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी, लेकिन अब तक समिति की ओर से कोई रिपोर्ट या जवाब नहीं मिला है। उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अस्पताल व चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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