UP नोएडा में फ्रेंडशिप क्लब के बहाने लोगों को फांसती थी प्रियंका यादव, निधि यादव और रिया यादव

UP नोएडा में फ्रेंडशिप क्लब के बहाने लोगों को फांसती थी प्रियंका यादव, निधि यादव और रिया यादव

UP-नोएडा में फ्रेंडशिप क्लब के बहाने लोगों को फांसती थी प्रियंका यादव, निधि यादव और रिया यादव है.

UP-नोएडा में फ्रेंडशिप क्लब के बहाने लोगों को फांसती थी और फिर डेट के बहाने बुलाकर ब्लैक मेलिंग करती थी. इनके गैंग में ओमवीर यादव, पंकज यादव और मंगेश यादव भी शामिल थे. अपने साथियों की मदद से यादव सिस्टर्स लोगों को मारपीट कर लूट भी लिया करती थी.

बेचारा शिकार फंसने के बाद कुछ बोल ही नहीं पाता था. पुलिस ने सभी को अरेस्ट किया है, यूपी के नोएडा में फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में लोगों से लूटपाट करने वाले एक गिरोह के पांच ठगों को सेक्टर-24 थाने की पुलिस ने अरेस्ट किया है। पकड़े गए लोगों मैं तीन युवतियां भी शामिल है। साथ ही एक किशोर को अभिरक्षा में लिया है। ये लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के माध्यम से ग्राहक तलाशते थे। इन लोगों ने हाल ही में नोएडा में एक कारोबारी से फॉर्च्यूनर गाड़ी लूटी थी।

आरोपी पीड़ित को होटल ले जाने का झांसा देकर कार में बैठाते और लूटपाट कर फरार हो जाते। इनके कब्जे से नोएडा में लूटी गई फॉर्च्यूनर, दो अन्य कार और एक चाकू बरामद किया गया। इस गैंग के सरगना समेत तीन बदमाश फरार हैं।

आरोपी ओमवीर ने बताया कि 30 जून की रात एक फॉर्च्यूनर गाड़ी को सेक्टर-54 के पेट्रोल पंप के पास से लूटा थी। उन्होंने पीडित को लड़की दिखाने के बहाने कार में बैठा लिया। उसका मोबाइल छीना और मारपीट कर 27 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित की जेब से पर्स और कार की चाबी भी छीन ली। साथ ही उसकी फॉर्च्यूनर गाड़ी लेकर फरार हो गए। पूछताछ में बताया गया कि घटना के समय उस कार में ओमवीर, मंजेश यादव, पंकज यादव और निधि यादव मौजूद थे। कुछ दूरी पर दूसरी कार में जीतू यादव उर्फ छोटू, रिशु यादव, प्रियंका यादव, काजल यादव और अभिषेक यादव मौजूद थे। पकड़ी गई एक कार मंजेश के भाई और दूसरी पंकज की है।

अडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि सेक्टर-54 स्थित खेलगांव पार्क के पास से आरोपियों ओमवीर यादव (फिरोजाबाद), मंजेश यादव (मैनपुरी), निधि यादव (औरैया), प्रियंका यादव (फिरोजाबाद) और काजल यादव (मैनपुरी) को पकड़ा गया है। ये लोग दिल्ली के न्यू अशोक नगर में किराये पर रहते थे। सरगना पंकज यादव ने निधि के माध्यम से अन्य लड़कियों को जोड़कर गिरोह बनाया।

ये लोग फर्जी ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब बनाकर वारदात को अंजाम देते। क्लब से जुड़ने के बाद कोई शख्स किसी लड़की से बात करने की इच्छा जाहिर करता था तो सरगना पंकज यादव बातचीत करता था। वह दिल्ली-एनसीआर में ग्राहकों से मिलते और उन्हें लूट लेते थे।


लड़कियों से मुलाकात का देते थे झांसा

आरोपियों ने लोगों को फंसाने के लिए एक वेबसाइट पर स्पा सेंटर का विज्ञापन डाला था। इसमे नंबर दिया गया था। हालांकि ये स्पा कहीं मौजूद नहीं था। जो लोग इनके नंबर पर कॉल करते उसे लड़कियों से अकेले मे मिलवाने की बात कहकर जाल में फंसाते थे।

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