News Extension | विशेष रिपोर्ट ऑनलाइन ट्रेडिंग और AI Forex Investment के नाम पर निवेशकों को मोटा मुनाफा देने का लालच देकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। बोटब्रो (BotBro), बोटअल्फा (BotAlpha) समेत कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इस मामले में लविश चौधरी का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है।

मध्य प्रदेश एसटीएफ (MP STF) और अन्य राज्यों की पुलिस के अनुसार, इस अंतरराज्यीय नेटवर्क ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और तेलंगाना समेत कई राज्यों में हजारों लोगों को अपना शिकार बनाया है
हालांकि सोशल मीडिया और कुछ चर्चाओं में इस घोटाले की रकम 30 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है, लेकिन उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में 3,200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी का आंकड़ा सामने आया है। इसे 30 हजार करोड़ रुपये का पुष्ट घोटाला कहना अभी सही नहीं होगा।
कैसे बुना गया निवेश का जाल?
जांच और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, निवेशकों को AI आधारित Forex Trading और रोबोट के जरिए ट्रेडिंग करने का दावा किया जाता था। लोगों को हर महीने लगभग 5 से 10 प्रतिशत तक मुनाफा देने का लालच दिया जाता था।
सबसे बड़ा सवाल: निवेशकों का पैसा वापस कैसे मिलेगा?
इस पूरे मामले में हजारों निवेशकों की जमा पूंजी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर पैसा किन खातों में गया? विदेशों में कितनी संपत्ति खरीदी गई? इस नेटवर्क में कौन-कौन से एजेंट और सहयोगी शामिल थे? और निवेशकों को उनका पैसा कब वापस मिलेगा?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।
दुबई में बैठे आरोपी तक पहुंची जांच
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लविश चौधरी के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया है। मध्य प्रदेश STF उसे UAE से भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
5 नवंबर 2026 की अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित हवाला एवं क्रिप्टो ट्रांजैक्शन की जांच कर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल: निवेशकों का पैसा वापस कैसे मिलेगा?
इस पूरे मामले में हजारों निवेशकों की जमा पूंजी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर पैसा किन खातों में गया? विदेशों में कितनी संपत्ति खरीदी गई? इस नेटवर्क में कौन-कौन से एजेंट और सहयोगी शामिल थे? और निवेशकों को उनका पैसा कब वापस मिलेगा?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही सामने आएंगे।
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