“मिनटों का सफर घंटों में बदल रहा, अब और इंतजार नहीं” — नेफोमा
नोएडा एक्सटेंशन यानी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए लंबे समय से नासूर बन चुके ट्रैफिक जाम और चार मूर्ति चौक पर निर्माणाधीन अंडरपास की धीमी रफ्तार के खिलाफ नेफोमा ने रविवार को चार मूर्ति चौक पर सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान नेफोमा पदाधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अंडरपास का निर्माण शीघ्र पूरा कर यातायात व्यवस्था सामान्य करने की मांग की।
चार मूर्ति चौक की ट्रैफिक समस्या कोई नई समस्या नहीं है। वर्ष 2023 में भी इस मार्ग पर लगभग दो किलोमीटर तक लंबे जाम की स्थिति सामने आई थी, जिसके बाद यहां अंडरपास बनाने की योजना पर काम आगे बढ़ाया गया।

नेफोमा अध्यक्ष अन्नू ख़ान ने कहा कि नोएडा एक्सटेंशन की लगातार बढ़ती आबादी के अनुपात में प्राधिकरण की यातायात व्यवस्था विकसित नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा, “आज नोएडा एक्सटेंशन के लाखों निवासी रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या झेलने को मजबूर हैं। चार मूर्ति चौक पर बनने वाला अंडरपास इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद था, लेकिन निर्माण में लगातार देरी से लोगों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है।”
अन्नू खान ने आगे कहा कि प्राधिकरण की ओर से अंडरपास को लेकर समय-समय पर अलग-अलग समय सीमा बताई जाती रही है। 2024 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था फरवरी 2026 में इसके जून तक शुरू होने की उम्मीद जताई गई थी, जबकि मई 2026 में प्राधिकरण की ओर से 15 अगस्त 2026 तक इसे खोलने की संभावना बताई गई 60 करोड़ से 92 करोड़ का अंडरपास कीमत अंत में जब अगस्त में उद्घाटन होने वाला था उस पर भी आपत्ति जताते हुए कंस्ट्रक्शन कंपनी और अधिकारियों की की मिलीभगत की जांच कराने की भी सरकार से अपील की गई ।

“तीन बार लोकार्पण की तारीख आगे बढ़ चुकी है। अब स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध टूटने लगा है। नेफोमा आज के इस सांकेतिक प्रदर्शन के माध्यम से प्राधिकरण को आगाह कर रहा है कि अंडरपास के निर्माण की गति तत्काल बढ़ाई जाए और स्पष्ट, अंतिम समयसीमा के साथ इसे जनता के लिए खोला जाए।”
नेफोमा संगठन मंत्री कृष्णा नंद ने कहा कि घनी आबादी वाले ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जिस परियोजना से जाम की समस्या का समाधान होना था, निर्माण की धीमी गति के कारण वही परियोजना फिलहाल लोगों की परेशानी का एक कारण बन गई है। उन्होंने कहा कि अंडरपास परियोजना करीब 720 मीटर लंबी और लगभग ₹92 करोड़ की लागत से तैयार की जा रही है तथा इसकी मूल निर्माण समयसीमा 18 महीने रखी गई थी.
उन्होंने कहा, “प्राधिकरण को सिर्फ निर्माण पूरा करने की घोषणा नहीं, बल्कि जमीन पर काम की गति दिखानी चाहिए। निर्माण के दौरान डायवर्जन और संकरी सड़कों के कारण चार मूर्ति चौक तथा आसपास के मार्गों पर यातायात दबाव और बढ़ गया है।
कृष्णा नंद ने कहा कि जाम का असर केवल आम वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी इस यातायात व्यवस्था का सामना करना पड़ता है। लंबे समय तक जाम में फंसना किसी भी गंभीर आपात स्थिति में बेहद चिंताजनक हो सकता है।
नेफोमा कोषाध्यक्ष उमेश सिंह ने कहा कि चार मूर्ति चौक और आसपास के मार्गों पर यातायात की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। “आज हालात यह हैं कि जिस सफर को सामान्य परिस्थितियों में कुछ मिनटों में पूरा होना चाहिए, उसमें कई बार घंटों लग जाते हैं। इससे नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, किरायेदारों और स्थानीय निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।”
उन्होंने कहा कि जाम का असर स्थानीय व्यापार और क्षेत्र की छवि पर भी पड़ रहा है। कई व्यापारी और किरायेदार यहां की यातायात समस्या को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। नेफोमा का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ समस्या और गंभीर होगी।
उल्लेखनीय है कि चार मूर्ति चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट का प्रमुख यातायात जंक्शन है, जहां नोएडा, सूरजपुर, क्रॉसिंग रिपब्लिक और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर से आने-जाने वाला यातायात मिलता है। सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार यह क्षेत्र 5 लाख से अधिक आबादी की यातायात जरूरतों को प्रभावित करता है।

नेफोमा ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि:
1. चार मूर्ति अंडरपास का निर्माण युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए।
2. अंडरपास की स्पष्ट और अंतिम उद्घाटन तिथि सार्वजनिक की जाए।
3. निर्माण स्थल पर 24 घंटे कार्य की निगरानी और पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए जाएं।
4. निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक मार्गों और सर्विस रोड की यातायात व्यवस्था को बेहतर किया जाए।
5. एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए निर्बाध कॉरिडोर सुनिश्चित किया जाए।
6. चार मूर्ति चौक से तिगड़ी गोलचक्कर तक सर्विस रोड के चौड़ीकरण और सुधार का काम भी समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्राधिकरण ने पहले इस सर्विस रोड को 5.50 मीटर से बढ़ाकर 10.50 मीटर करने की योजना बताई थी.
नेफोमा अध्यक्ष अन्नू ख़ान ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों की मूलभूत यातायात समस्या के समाधान के लिए सांकेतिक चेतावनी है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में शीघ्र तेजी नहीं लाई गई तो नेफोमा स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय
करेगा।
प्रदर्शन में नेफोमा अध्यक्ष अन्नू ख़ान, संगठन मंत्री कृष्णा नंद, कोषाध्यक्ष उमेश सिंह, सदस्य नितिन राणा, पंकज शर्मा, राहुल यादव और संतोष सिंह उपस्थित रहे