BJP मंत्री का भी फोन नहीं उठातीं IAS मेधा रूपम, नोएडा DM के रवैये पर CM YOGI को शिकायत, कहा- जनता और कार्यकर्ताओं से संपर्क नहीं, व्यवहारिक जांच हो

BJP मंत्री का भी फोन नहीं उठातीं IAS मेधा रूपम, नोएडा DM के रवैये पर CM YOGI को शिकायत, कहा- जनता और कार्यकर्ताओं से संपर्क नहीं, व्यवहारिक जांच हो

उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (यूपीसीएआर) के अध्यक्ष और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कैप्टन विकास गुप्ता ने गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। 14 सितंबर को भेजे पत्र में उन्होंने डीएम पर आम नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है।

कैप्टन विकास गुप्ता ने पत्र में कहा है कि जिले के नागरिकों की ओर से डीएम की अनुपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने खुद भी जनसामान्य की समस्याओं और प्रशासनिक कार्यों को लेकर डीएम से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

मंत्री ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराने और डीएम को जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रति अधिक सुलभ और उत्तरदायी रहने के निर्देश देने का अनुरोध किया है। इस संबंध में डीएम या जिला प्रशासन की ओर से कोई पक्ष सामने आता है तो उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

कैप्टन विकास गुप्ता ने पत्र में कहा कि जिले के नागरिकों की ओर से डीएम की अनुपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने खुद भी जनसामान्य की समस्याओं और प्रशासनिक कार्यों के संबंध में डीएम से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

पत्र में कैप्टन विकास गुप्ता ने अपने पुराने अनुभव का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2020 में उन्हें हापुड़ की धौलाना विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया गया था। उस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच रहने पर तत्कालीन हापुड़ डीएम मेधा रूपम के प्रति असंतोष की शिकायतें सुनने को मिली थीं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी शिकायतों के चलते मेधा रूपम को हापुड़ से हटाया गया था।

कैप्टन गुप्ता ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की बात सुनना प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इसलिए संबंधित अधिकारी के व्यवहार की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक और अनुशासनात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से डीएम को जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों एवं सुझावों के प्रति अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और सुलभ रहने के निर्देश देने का अनुरोध किया है

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