आईआईटी मंडी का AiXcelrate 4.0 जिम्मेदार एआई नेतृत्व, व्यावसायिक मूल्य और नवाचार के विस्तार पर केंद्रित विमर्श के साथ संपन्न

आईआईटी मंडी का AiXcelrate 4.0 जिम्मेदार एआई नेतृत्व, व्यावसायिक मूल्य और नवाचार के विस्तार पर केंद्रित विमर्श के साथ संपन्न

दो दिवसीय कॉन्क्लेव में उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ताओं, पेशेवरों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने एआई को अपनाने से टिकाऊ व्यावसायिक बढ़त तक की यात्रा पर किया विचार-विमर्श

21 सितंबर 2026, मंडी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी मंडी) के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने अपने प्रमुख एआई एवं नेतृत्व कॉन्क्लेव AiXcelrate 4.0 के चौथे संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया। दो दिवसीय कार्यक्रम में उद्योग जगत के नेतृत्वकर्ताओं, विषय विशेषज्ञों, पेशेवरों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नेतृत्व और व्यावसायिक मूल्य के बदलते संबंधों पर व्यापक चर्चा की।

19–20 सितंबर 2026 को आईआईटी मंडी परिसर में आयोजित इस कॉन्क्लेव का विषय “Next Gen AI-Leadership: Beyond the Horizon to Monetizing AI” था। कार्यक्रम में समकालीन एआई अपनाने की प्रक्रिया से जुड़े तीन परस्पर संबंधित बदलावों पर ध्यान केंद्रित किया गया: उत्पादकता और स्वचालन से रणनीतिक बढ़त की ओर बढ़ना, एआई अपनाने को तीव्र व्यावसायिक विकास में बदलना, तथा एआई पहलों को पायलट परियोजनाओं से टिकाऊ और लाभप्रद स्तर तक ले जाना।

इन बदलावों के व्यापक महत्व पर विचार रखते हुए प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा, निदेशक, आईआईटी मंडी ने एआई नेतृत्व के केंद्र में जिम्मेदारी और सामाजिक प्रभाव को रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

“जैसे-जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता संगठनों और समाज में अधिक गहराई से समाहित हो रही है, नेतृत्व को केवल इस आधार पर परिभाषित नहीं किया जा सकता कि हम नई तकनीकों को कितनी तेजी से अपनाते हैं। जिम्मेदार एआई नेतृत्व के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने निर्णयों के व्यापक सामाजिक परिणामों पर विचार करें और साथ ही यह सुनिश्चित करें कि नवाचार मानवीय मूल्यों और सार्थक परिणामों के अनुरूप रहे। आईआईटी मंडी जैसे संस्थानों की ऐसी नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका है, जो तकनीकी दक्षता को जिम्मेदारी और सामाजिक उद्देश्य के साथ जोड़ सके।”

स्वचालन से रणनीतिक बढ़त की ओर

पहले दिन “Moving from Productivity and Automation to Strategic Advantage: The AI Value Shift” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसमें इस प्रश्न पर विचार किया गया कि क्या दक्षता और स्वचालन से प्राप्त लाभ टिकाऊ प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त पैदा करने के लिए पर्याप्त हैं, और संगठन एआई के अधिक रणनीतिक उपयोग की दिशा में कैसे बढ़ सकते हैं।

चर्चा के दौरान Hindustan Coca-Cola के Chief Data Officer Ashley D’Acouza ने इस धारणा के प्रति सावधान किया कि एआई तक व्यापक पहुंच अपने आप प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त में बदल जाती है। उन्होंने कहा, “एआई से मिलने वाली वास्तविक बढ़त अभी दूर है। हम अभी भी प्रयोग के चरण में हैं।” उन्होंने जोर दिया कि परिणाम काफी हद तक नेतृत्व, रणनीतिक दृष्टि और उपलब्ध तकनीकों को संगठन की विशिष्ट व्यावसायिक आवश्यकताओं से जोड़ने की क्षमता पर निर्भर करेंगे। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि तकनीकी क्षमताएँ वर्तमान में उद्योग में उनके व्यापक उपयोग की तुलना में अधिक तेजी से विकसित हो रही हैं।

पहले दिन मेंटरिंग सत्र और उद्योग-अकादमिक विचार-मंथन सत्र भी आयोजित किए गए, जिनसे विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने और उभरती प्रबंधकीय चुनौतियों पर विचार करने का अवसर मिला। शाम का समापन HimTarang – Cultural Evening के साथ हुआ, जिसमें आईआईटी मंडी समुदाय के सदस्यों ने विविध सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से भाग लिया और कॉन्क्लेव को एक उत्सवपूर्ण आयाम प्रदान किया।

एआई अपनाने से विकास और पायलट से लाभप्रद विस्तार तक

दूसरे दिन दो पैनल चर्चाओं के माध्यम से संगठनात्मक एआई परिपक्वता के अगले चरणों पर विमर्श को आगे बढ़ाया गया

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