रमाबाई रणवीर नाम की महिला ने अपनी बेटी की स्कूल फीस भरने के लिए मैराथन में हिस्सा लिया। रमाबाई ने न सिर्फ हिस्सा लिया, बल्कि ये दौड़ भी जीती। रमाबाई रणवीर की ये जीत और भी खास इसलिए थी, जहां बाकी लोग स्पोर्ट्स शूज और ट्रैक सूट पहनकर मैराथन में दौड़ रहे थे, वहीं रमाबाई साड़ी पहने नंगे पैर इस दौड़ में उतरीं और मैराथन जीत ली।

रमाबाई ने भारतीय शिक्षण प्रसारक संस्था के खोलेश्वर एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स के ‘अमृत महोत्सव’ समारोह के तहत आयोजित ‘अमृत दौड़’ में हिस्सा लिया था। उन्होंने दौड़ जीती और 3,000 रुपये का नकद इनाम जीता, जिसका इस्तेमाल वह अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए करेंगी। यह मैराथन अंबाजोगाई में आयोजित की गई थी और छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से शुरू होकर भाग्यनगर चौक पर खत्म हुई। इस दौड़ में बड़ी संख्या में स्थानीय युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया। रमाबाई रणवीर साधारण साड़ी और चप्पल पहनकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंची थीं। वह एक आम प्रतिभागी के तौर पर प्रतियोगिता में शामिल हुई थीं। दौड़ से पहले रमाबाई को देखकर कोई नहीं कह सकता था कि वो ये दौड़ जीतेंगी, लेकिन आखिर में वो ही विजेता बनीं।
जब दौड़ शुरू हुई, तो रमाबाई पूरे संकल्प के साथ दौड़ीं, लेकिन दौड़ के दौरान उनकी चप्पलें फिसलने लगीं और उनकी रफ्तार पर असर पड़ा। रुकने के बजाय, उन्होंने चप्पलें उतारकर अपने हाथों में ले लीं और नंगे पैर दौड़ना जारी रखा। रमाबाई के सामने सड़क पर नंगे पैर दौड़ते हुए कई चुनौतियां आईं। जैसे कि पत्थर और दौड़ते समय साड़ी को संभालना, इसके बावजूद, वह उनके अंदर जीतने का जज्बा कायम रहा। उनके दृढ़ संकल्प ने उन्हें स्पोर्ट्स शूज और ट्रैक सूट पहने कई युवा प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने में मदद की।
रमाबाई की जीत ने दर्शकों समेत आयोजकों को भी भावुक कर दिया। उन्होंने दौड़ जीतने के बाद बताया कि 3,000 रुपये की इनामी राशि का इस्तेमाल वह उनकी बेटी की पढ़ाई के लिए करेंगी। #viralpost #motherlove #sports