नोएडा कैलेंडर विवाद जारी तस्वीर से खुली पोल CEO लोकेश ने सबकी मौजूदगी में हंसी खुशी के माहौल में अपनी फोटो का कैलेंडर जारी किया था। मुख्यमंत्री की फोटो नदारद। अपनी मॉडलिंग और वीणा वादन का जौहर दिखाया।
नोएडा में मेट्रो कैलेंडर विवाद ने प्रशासनिक हलकों में बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मामले में IAS महेंद्र प्रसाद को OSD पद से हटाकर लखनऊ मुख्यालय अटैच कर दिया गया है, साथ ही उन्हें NMRC के Executive Director पद से भी पहले ही हटाया जा चुका है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस कैलेंडर का विधिवत विमोचन नोएडा प्राधिकरण के CEO IAS एम. लोकेश ने खुद अधिकारियों की मौजूदगी में किया, उस कार्यक्रम में उनकी सक्रिय मौजूदगी के बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं?
कैलेंडर में मुख्यमंत्री की तस्वीर न होने और अधिकारियों की तस्वीरें प्रमुखता से छपने पर विवाद खड़ा हुआ। इसके बावजूद पूरी कार्रवाई सिर्फ महेंद्र प्रसाद तक सीमित क्यों?
प्रशासनिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या नोएडा का नौकरशाही तंत्र खुद को लखनऊ के नियंत्रण से ऊपर समझने लगा है? क्या यह महज़ एक व्यक्ति की गलती थी या पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए?
कैलेंडर विवाद अब केवल ट्रांसफर का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
