कन्नौज डॉक्टर्स को भगवान का दूसरा रूप कहते हैं। जरा सी भी दिक्कत होने पर लोग डॉक्टर के पास चेकअप कराने के लिए निकल पड़ते हैं लेकिन तब क्या हो जब कोई डॉक्टर दर्द से कराहते हुआ मौत को गले लगा ले और डॉक्टर होते हुए भी अपना इलाज ना कर सके। दरअसल उत्तर प्रदेश के कन्नौज से एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान करके रख दिया है। दरअसल कन्नौज में एक या दो नहीं बल्कि 5 डॉक्टर्स की दर्दनाक मौत हो गई। अब आप भी सोच रहे होंगे कि एक साथ पांच डाक्टर्स की मौत होने का आखिर माजरा क्या है? तो चलिए हम आपको बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक साथ पांच डाक्टर्स मौत की नींद कैसे सो गए।
पांच डॉक्टर्स की एक साथ मौत होने की वजह जानने से पहले हम आपको डॉक्टर्स के नाम बता दें। जानकारी के मुताबिक डॉक्टर्स की पहचान, निवासी- आगरा, संतोष कुमार मौर्य (मृतक), निवासी- सैफई, अरुण कुमार (मृतक), निवासी- कन्नौज, नरदेव (मृतक), निवासी- बरेली, एक मृतक अज्ञात के रूप में की गई है। दरअसल जयवीर सिंह, निवासी- मुरादाबाद, अनिरुद्ध वर्मा की हालत अभी गंभीर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक साथ 6 लोग (जिनमें सभी मेडिकल कॉलेज में पीजी के स्टूडेंट थे) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शादी अटैंड करके लौट रहे थे। इस दौरान उनकी स्कॉर्पियो भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। जिसके कारण पांच डॉक्टरों की मौत हो गई, जबकि एक बुरी तरह घायल हो गया।
बताया जा रहा है कि सभी लखनऊ से सैफई लौट रहे थे इस दौरान तड़के चार बजे के करीब कन्नौज के तिर्वा एरिया पर उनकी गाड़ी डिवाइडर से टकराकर दूसरे लेन पर पहुंच गई और एक ट्रक से जा भिड़ी। भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे आनन फानन में अस्पताल सैफई के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मामले में तिर्वा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर सीपी पाल ने बताया कि, यूपीडा की गाड़ी से 6 लोग यहां लाए गए थे, जिनमें पांच की मौत हो चुकी थी। एक गंभीर रूप से घायल था। सभी सैफई मेडिकल कॉलेज के पीजी के स्टूडेंट थे। फिलहाल पुलिस ने स्वजन और सैफई मेडिकल कालेज प्रशासन को इसकी जानकारी दे दी है। अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है
![](https://scontent.fdel76-1.fna.fbcdn.net/v/t39.30808-6/468489350_990459849766749_3687223564310243311_n.jpg?stp=dst-jpg_s600x600_tt6&_nc_cat=103&ccb=1-7&_nc_sid=833d8c&_nc_ohc=qG2q4p5Y0qwQ7kNvgGWDx2n&_nc_zt=23&_nc_ht=scontent.fdel76-1.fna&_nc_gid=ABEtHCUebd8zQk1Hye-AEaU&oh=00_AYD12ZnxQJmvoUm_Nd6Hd1CFOczR-Jpc7B9_FeG0oXOc5Q&oe=674E0089)
![](https://scontent.fdel76-1.fna.fbcdn.net/v/t39.30808-6/468523686_990459809766753_487041452477847208_n.jpg?_nc_cat=103&ccb=1-7&_nc_sid=833d8c&_nc_ohc=grrrBFZ6ZrIQ7kNvgFzBMw5&_nc_zt=23&_nc_ht=scontent.fdel76-1.fna&_nc_gid=ABEtHCUebd8zQk1Hye-AEaU&oh=00_AYDrQW080bX6YZaT0oBAxcNiwRoG-jmYE0Dlx6lX37MoTQ&oe=674DF28B)