मथुरा में सड़क हादसे में फरसा बाबा उर्फ चंद्रशेखर की मौत हो गई उसके बाद सड़क पर बबाल तमाम लोगों ने इसे सीधे तौर पर हत्या बताया। ये दावा किया कि उन्हें गौतस्करों के ट्रक ने कुचला है। जबकि मथुरा पुलिस ने तुरंत ही कन्फर्म किया कि दोनों ट्रकों में सर्फ–साबुन और तार लदे थे। ट्रकों में गाय या गाय का बच्चा तक नहीं था। दरअसल, उपद्रवियों का मकसद माहौल खराब करना था। कुछ किलोमीटर दूर ही वृंदावन में राष्ट्रपति भी दौरे पर थीं। उपद्रवियों ने खूब पत्थरबाजी की, दर्जनों वाहन तोड़ डाले। पुलिस को भी नहीं छोड़ा। गनीमत रही कि मथुरा पुलिस ने कुछ ही देर में सारे फैक्ट क्लियर कर दिए। पुलिस अब Video फुटेज से दंगाइयों को ढूंढ रही है। इस Video में देखिए, कितने वाहन तोड़े गए हैं।
मथुरा में फरसे वाले बाबा के अंतिम संस्कार में जा रहे दक्ष चौधरी और उसके साथियों को पुलिस में रास्ते में रोका। खूब नोंकझोंक हुई। जिसके बाद पुलिस इन सभी को घसीटते हुए गाड़ी में बैठाकर ले गई।
कुछ लोग अपने घरों में बैठकर हिंदू समुदाय के भोले भाले लोगो को भड़का रहे है ।
मथुरा पुलिस के अनुसार “फरसे वाले बाबा चंद्रशेखर ने गौतस्करी के शक में नागालैंड नंबर का एक ट्रक रोका। उसमें सर्फ–साबुन भरे हुए थे। उस वक्त हाइवे पर कोहरा था। तभी राजस्थान नंबर के एक ट्रक ने चंद्रशेखर को कुचल दिया। उनकी मौत हो गई। मामला गोतस्करी का निकला ही नहीं” भीड़ के पथराव में पुलिस की कई गाड़ियां टूटी हैं। कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।
ये एक हादसा था, जो कोहरे की वजह से हुआ। इसके बावजूद भीड़ ने खूब उपद्रव किया।
