भारतीय किसान परिषद की बिजली विभाग के दफ्तर पर महापंचायत हुई।

भारतीय किसान परिषद की बिजली विभाग के दफ्तर पर महापंचायत हुई।

नोएडा प्राधिकरण से लंबित मुद्दों एवं कामगार वर्ग को बिजली प्रदान किए जाने की मुद्दों को समानांतर रूप से संज्ञान में लिया गया, आज की पंचायत में श्री अरविंद कुमार ओएसडी नोएडा प्राधिकरण एवं बिजली विभाग की ओर से श्री शिवम कुमार एक्शन द्वारा वार्ता का प्रस्ताव रखा गया। प्रतिनिधि मंडल में मौजूद श्री कंवरपाल प्रधान द्वारा संचालन करते हुए सभी के विचारों को सुनकर निर्णय किया कि नोएडा प्राधिकरण से किसानों के लंबित विषयों पर वार्ता की जानी चाहिए।

प्रतिनिधि मंडल में मौजूद 30 लोगों का समूह नोएडा विकास प्राधिकरण के दफ्तर सैक्टर 6 की ओर अग्रसर हुआ। श्री अरविंद कुमार के प्रस्ताव अनुसार नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड रूम में श्री कृष्णा करुणेश मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता के साथ में श्री सतीश पाल अतिरिक्त मुख्य कार्यपालिका अधिकारी श्री क्रांति शेखर ओएसडी श्री अरविंद कुमार ओएसडी श्री ए के अरोड़ा जी एम सिविल, श्री एसपी सिंह जी एम सिविल, श्रीमती मीणा भार्गव जी एम प्लानिंग की मौजूदगी में मीटिंग संचालित हुई। उक्त मीटिंग में भारतीय किसान परिषद के प्रतिनिधिमंडल द्वारा 10 बिंदुओं पर प्राधिकरण के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर मुख्य बिंदु 10% भूखंड एवं आबादी के पूर्ण निस्तारण में सम्मिलित अन्य बिंदुओं पर कहा गया कि ये केवल मांग मात्र नहीं ये किसानों के अधिकार है।

किसानों की बैठक संतुष्ट जनक रही जिसमें 10% के भूखंड दिए जाने के संबंध में कानून विभाग से टिप्पणी कर बोर्ड के समक्ष चर्चा की जाएगी, किसानों के 5% के प्लाट भूलेख विभाग से जल्द अप्रूव कर नियोजन विभाग में भेजने की सीमा एक महीने दी गई। इसके अतिरिक्त नियोजन विभाग में लंबित सैक्टर 146 प्लाटों के आवंटन पत्र 15 दिनों में जारी करने की बात कही गई, वर्ष 1976 से लेकर 1997 तक के अधिग्रहण से प्रभावित सभी किसानों को (जिन्होंने 1000 रुपए के फार्म लिए हैं अथवा 1,50,000 रुपए के डीडी जमा की है) वर्ष 2011 के ड्रा का हिस्सा बनाया जाएगा। जिन किसानों द्वारा 100% मुआवजा लिया गया है उन्हें 10% वापस जमा करने की सहूलियत देने का प्रस्ताव आने वाली बोर्ड बैठक में विचार किया जाएगा।

आबादी विनियमावली, 2011 में आबादी निस्तारण हेतु जन आपत्ति मनाने हेतु अखबार में प्रकाशन कर आबादियों के सहूलियत के लिए संशोधन किया जाएगा। मुख्य कार्यपालिका अधिकारी द्वारा वार्ताओं के मध्य में जो नियम जनता के हित में नहीं वे नियम भी बदले जाएंगे, इस पॉजिटिव नजरिया की सराहना समस्त भारतीय किसान परिषद के प्रतिनिधिमंडल द्वारा की गई। भारतीय किसान परिषद किसानों के आकार हुकुम की लड़ाई के लिए हर कसौटी पर लड़ने को तैयार है इस मध्य में वार्ता कम भी अपने अहम भूमिका रखता है और आज की वार्ता से सभी लोग संतुष्ट रहे।

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