ग्रेटर नोएडा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने बैंकिंग व्यवस्था और किसानों की मेहनत की कमाई की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेवर एयरपोर्ट के लिए किसानों ने अपनी पुश्तैनी जमीन दी, सरकार से करोड़ों रुपये का मुआवजा मिला और किसानों ने भविष्य की सुरक्षा के लिए यह रकम पंजाब नेशनल बैंक में जमा कर दी। लेकिन जब जरूरत पड़ी और किसान बैंक से अपना पैसा निकालने पहुंचे तो किसी के खाते में लाखों रुपये गायब थे तो किसी की करोड़ों की एफडी खाली मिली। आखिर बैंक में जमा किसानों की जिंदगी भर की कमाई कहां चली गई? देखिए पूरी रिपोर्ट।

30 अक्टूबर को पंजाब नेशनल बैंक ने आधिकारिक बयान जारी कर खातों और एफडी से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही।
बैंक के मुताबिक, अब तक 43 लाख रुपये के तीन दावों का निपटारा किया जा चुका है। बैंक ने आश्वासन दिया है कि सभी वास्तविक और सत्यापित दावों का भुगतान किया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल
जिन किसानों ने अपनी पुश्तैनी जमीन जेवर एयरपोर्ट के लिए दी थी, उनके लिए मुआवजे की रकम ही भविष्य का सहारा थी। किसी ने बच्चों की शादी के लिए पैसा जमा किया था तो किसी ने मकान बनाने और बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए एफडी कराई थी।
अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बैंक में जमा ग्राहकों की मेहनत की कमाई कथित तौर पर कैसे गायब हो गई? क्या बैंक की निगरानी व्यवस्था में बड़ी चूक हुई? और जिन किसानों की रकम गायब हुई है, उन्हें उनका पूरा पैसा कब वापस मिलेगा?
इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और बैंक की आंतरिक जांच के बाद ही सामने आएंगे।
बिरौंडा गांव की 60 वर्षीय संतोष देवी के खाते में जेवर एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन का 1.29 करोड़ रुपये मुआवजा जमा हुआ था। उनका आरोप है कि खाते से करीब 1.18 करोड़ रुपये गायब हो गए। जब उनका बेटा पैसे निकालने बैंक पहुंचा तो खाते में रकम नहीं मिली।
जिन किसानों ने अपनी पुश्तैनी जमीन जेवर एयरपोर्ट के लिए दी थी, उनके लिए मुआवजे की रकम ही भविष्य का सहारा थी। किसी ने बच्चों की शादी के लिए पैसा जमा किया था तो किसी ने मकान बनाने और बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए एफडी कराई थी।
अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बैंक में जमा ग्राहकों की मेहनत की कमाई कथित तौर पर कैसे गायब हो गई? क्या बैंक की निगरानी व्यवस्था में बड़ी चूक हुई? और जिन किसानों की रकम गायब हुई है, उन्हें उनका पूरा पैसा कब वापस मिलेगा?
इन सभी सवालों के जवाब अब पुलिस जांच और बैंक की आंतरिक जांच के बाद ही सामने आएंगे।